कई ग्राहकों ने हाल के वर्षों में शिकायत की है कि HDFC बैंक होम लोन प्रोसेसिंग में पारदर्शिता की कमी है — प्रोसेसिंग फीस पहले ली जाती है और बाद में आवेदन अस्वीकार कर दिया जाता है। RTI और उपभोक्ता रिपोर्ट्स के अनुसार, लाखों आवेदन रिजेक्ट होते हैं जिससे बैंक को अरबों रुपये की आय होती है।
HDFC होम लोन प्रोसेसिंग: ग्राहकों की शिकायतें
सामान्य प्रक्रिया
- प्रोसेसिंग फीस: लगभग ₹4,500–₹5,000 प्रति आवेदन।
- दस्तावेज़: CIBIL रिपोर्ट, KYC, आय प्रमाणपत्र आदि।
- वादा: बैंक पहले कहता है कि यदि CIBIL स्कोर और आय अच्छी है तो लोन पास होगा।
शिकायतें
- कई ग्राहकों का कहना है कि फीस लेने के बाद भी आवेदन रिजेक्ट कर दिया जाता है।
- रिजेक्शन का कारण अक्सर अस्पष्ट होता है — जैसे “डिस्प्यूटेड लोन” या “आइडेंटिटी इश्यू”।
- RTI रिपोर्ट्स और सर्वे बताते हैं कि हर साल लगभग 5 लाख आवेदन रिजेक्ट होते हैं।
- यदि हर आवेदन पर ₹4,500 लिया जाए, तो बैंक को लगभग ₹2,250 करोड़ की आय होती है।
संभावित धोखाधड़ी और नैतिक प्रश्न
- क्या बैंक वास्तव में ग्राहक की पहचान और क्रेडिट रिपोर्ट को सही तरीके से सत्यापित कर रहे हैं?
- क्या प्रोसेसिंग फीस को राजस्व स्रोत बना लिया गया है?
- क्या यह प्रक्रिया ग्राहकों के साथ अनुचित व्यवहार और संभावित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है?
ग्राहकों के लिए सुझाव
- क्रेडिट रिपोर्ट खुद नियमित रूप से जाँचें।
- प्रोसेसिंग फीस देने से पहले लिखित शर्तें माँगें।
- यदि लोन अस्वीकार होता है, तो बैंक से विस्तृत कारण और शुल्क वापसी नीति माँगें।
- किसी भी फर्जी लोन या आइडेंटिटी थेफ्ट की स्थिति में तुरंत FIR और RBI ग्रिवेन्स सेल में शिकायत दर्ज करें।
- HDFC बैंक की शिकायत दर्ज करने के लिए:
- ग्रिवेन्स ऑफिसर: Ms. Shalini Tandon, Empire Plaza – 1, Vikroli West, Mumbai
- फोन: 1800 266 4060
- ईमेल: grievance.redressaldl@hdfc.bank.in